मेंढकों की राजधानी – 200 से अधिक प्रजातियाँ

दुनिया के सबसे ज़्यादा मेंढक यहाँ पाए जाते हैं। हर साल नई प्रजातियाँ खोजी जाती हैं। रात में उनकी आवाज़ें पूरे जंगल में गूंजती हैं। आगे जानिए कैसे बनता है यहाँ का मानसून…

भारत की 'वर्षा की थैली' – 2,000 से 7,000 मिमी बारिश

केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में दुनिया की सबसे ज़्यादा बारिश होती है। यही से कावेरी, कृष्णा, गोदावरी जैसी नदियाँ निकलती हैं। आगे जानिए कैसे नियंत्रित करता है जलवायु को…

जलवायु का नियामक – तापमान रखता है नियंत्रित

यह पर्वत श्रृंखला पूरे दक्षिण भारत की जलवायु को संतुलित रखती है। बिना इसके, भारत बहुत गर्म और शुष्क हो जाएगा। आगे जानिए यहाँ की आदिवासी संस्कृति…

रहस्यमयी आदिवासी समुदाय – हज़ारों साल पुरानी परंपरा

काडर, एरुल्ला, जेन कुरुम्बा जैसी जनजातियाँ यहाँ हजारों सालों से जीवित हैं। ये जंगल की जड़ी-बूटियों और जानवरों के बारे में सब कुछ जानते हैं। आगे जानिए यूनेस्को ने कब मान्यता दी…

यूनेस्को विश्व धरोहर – दुनिया का 39वाँ सबसे महत्वपूर्ण स्थल

2012 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर का दर्जा दिया। 39 पर्वत श्रृंखलाओं का समूह, 7,000 वर्ग मील से अधिक। आगे जानिए किन खतरों का सामना कर रहा है…

संकट में है पश्चिमी घाट – 30% जंगल पहले ही खत्म

बांध, खनन, जलवायु परिवर्तन। 30% जंगल बर्बाद हो चुके हैं। 10% से अधिक प्रजातियाँ खतरे में हैं। आगे जानिए क्या अभी भी बचाया जा सकता है…

क्या हम पश्चिमी घाट को बचा पाएँगे?

अगर यह खत्म हुआ, तो दक्षिण भारत रेगिस्तान बन जाएगा। हमारी नदियाँ सूख जाएँगी। समय बहुत कम है।