दुनिया का सबसे खतरनाक द्वीप – जहाँ मौत है इंतज़ार में

दुनिया में एक ऐसा द्वीप है, जहाँ कदम रखने का मतलब है मौत को गले लगाना. यहाँ बाहरी दुनिया की कोई एंट्री नहीं.

50,000 सालों से कटी हुई दुनिया

वैज्ञानिकों के अनुसार, सेंटिनलीज जनजाति के पूर्वज अफ्रीका से आए थे। 50,000 सालों से ये बिना किसी बाहरी संपर्क के जी रहे हैं। आगे जानिए इनकी भाषा का रहस्य…

आज भी पत्थर के युग में जीते हैं ये लोग

ये दुनिया की आखिरी प्री-नियोलिथिक (पाषाण युग) जनजाति हैं। न खेती, न आग, न धातु के औजार। जंगल और समुद्र से भोजन लेते हैं। आगे पढ़िए इनकी भाषा का रहस्य…

वो भाषा जिसे दुनिया नहीं समझ पाई

सेंटिनलीज की भाषा आज तक समझ नहीं आई है। यह एंडमानी भाषा परिवार से भी बिल्कुल अलग है। अब तक सिर्फ कुछ शब्द ही रिकॉर्ड हो पाए हैं।

1956 – जब भारत ने लगा दी यहाँ एंट्री बैन

भारत सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए 1956 में द्वीप के 5 किमी के दायरे में जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। आज भी नौसेना गश्त करती है। आगे जानिए कौन घुसा और क्या हुआ…

हर घुसपैठिए की मौत – 2006 का कत्ल

2006 में दो मछुआरे गलती से द्वीप के पास पहुँच गए। सेंटिनलीज ने उन्हें मार डाला। कोई शव बरामद नहीं हुआ। आगे जानिए उस अमेरिकी का सच जिसने जान गँवाई…

2018 – जॉन चौ की मौत की चौंकाने वाली कहानी

26 वर्षीय अमेरिकी मिशनरी जॉन चौ ने गैरकानूनी तरीके से द्वीप में प्रवेश किया। सेंटिनलीज ने तीरों से उसे मार डाला। उसने पहले ही लिखा था – "अगर मैं मरा तो रुको मत।"

2004 सुनामी – चमत्कार से बचे सेंटिनलीज

2004 में भयानक सुनामी ने पूरे इलाके को तबाह कर दिया। सबको लगा सेंटिनलीज भी खत्म हो गए। लेकिन एक हेलीकॉप्टर को उन्होंने ही तीर से उड़ा दिया।

यहाँ कोक भी 'पीस ऑफरिंग' नहीं!

2025 में एक अमेरिकी यूट्यूबर ने द्वीप में घुसकर कोक और नारियल रखने की कोशिश की। उसे गिरफ्तार किया गया। 5 साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

सरकार का सख्त आदेश

अब मछुआरों को भी 5 किमी के दायरे में जाने पर जेल होगी। भारत सरकार ने हैदराबाद के एक जिला मजिस्ट्रेट सुनील अंचिपाका के माध्यम से आदेश जारी किए हैं।