अरब सागर में बसा 36 मोतियों का हार

लक्षद्वीप केवल 32 वर्ग किमी में बसा है, लेकिन इसका समुद्री क्षेत्र मध्य प्रदेश जितना बड़ा है! इतना बड़ा होते हुए भी यहाँ कितने द्वीप हैं और क्यों नहीं रुकती पर्यटकों की भीड़? आगे पढ़िए...

1 लाख द्वीपों के नाम से मशहूर

लक्षद्वीप का नाम संस्कृत के 'लक्ष' (एक लाख) और 'द्वीप' से बना है। कुल 36 द्वीपों में से केवल 10 पर ही लोग रहते हैं। इनमें से भी अधिकतर द्वीप सिर्फ पर्यटकों के लिए खुले हैं। आगे जानिए कैसे बना यह अद्भुत द्वीपसमूह…

कोरल रीफ्स

लक्षद्वीप प्रवाल द्वीपों का समूह है, जिसका आधार समुद्री जीवों द्वारा निर्मित है। ये रीफ ही द्वीपों को तूफानों से बचाती हैं। आगे जानिए इनके बिना क्या होगा…

समुद्र के अंदर छुपा है एक अनोखा जंगल

प्रवाल भित्तियों को 'समुद्र का वर्षावन' कहा जाता है। ये न केवल हजारों जीवों को घर देती हैं, बल्कि लहरों से द्वीपों की रक्षा भी करती हैं। आगे जानिए, क्या ये अद्भुत चट्टानें अब खतरे में हैं?

बदलता मौसम बन रहा खतरा – 50% कोरल हुए नष्ट

पिछले 24 वर्षों में यहाँ के कोरल रीफ्स में 50% से अधिक की कमी आई है। समुद्र का बढ़ता तापमान इन्हें सफेद बना रहा है।

करें स्नॉर्कलिंग, देखें कोरल का जादू

साफ पानी और अद्भुत कोरल रीफ्स लक्षद्वीप को दुनिया का बेहतरीन स्नॉर्कलिंग स्पॉट बनाते हैं। मछलियों के रंग-बिरंगे झुंड के बीच तैरना एक अलग ही अनुभव है। अंडरवाटर वॉकिंग और स्कूबा डाइविंग का मज़ा भी यहाँ देखिए…

सिहोलिथ एटोल

अगत्ती द्वीप के पास का यह एटोल अपने खूबसूरत लैगून के लिए मशहूर है। सूरज की रोशनी के साथ यहाँ पानी का रंग फ़िरोज़ा से लेकर गहरे नीले तक बदलता है।

मिनिकॉय में देखें सांस्कृतिक रंग

लक्षद्वीप के इस दूरस्थ द्वीप पर आप 'लावा' नृत्य देख सकते हैं। यहाँ की संस्कृति मालदीव से प्रभावित है और इसकी अपनी अनूठी पहचान है।

कैसे होगा भविष्य?

सरकार लक्षद्वीप को नए पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। साथ ही, पर्यावरण को बचाने के लिए सख्त नियम भी बनाए जा रहे हैं। क्या यह स्वर्ग बच पाएगा?

तो क्या लक्षद्वीप सच में 'खोया हुआ स्वर्ग' है?

अरब सागर में बिखरा यह स्वर्ग कभी खोया नहीं था, बस हमने उसे अनदेखा कर दिया था। इसकी अनोखी सुंदरता, जीवंत कोरल रीफ्स और शांत समुद्र तट इसे भारत का अनमोल रत्न बनाते हैं।